“BRICS Summit 2026 India: जानिए सदस्य देशों की नई सूची, इस साल की थीम और भारत के प्रमुख उद्देश्यों का पूर्ण विश्लेषण। UPSC और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष हिंदी नोट्स।”

प्रस्तावना: वैश्विक राजनीति में भारत का बढ़ता कद
वर्ष 2026 अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होने वाला है। 1 जनवरी 2026 को भारत ने ब्राजील से ब्रिक्स (BRICS) की अध्यक्षता आधिकारिक रूप से ग्रहण की है। भारत इस वर्ष 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026) की मेजबानी कर रहा है। UPSC के दृष्टिकोण से, यह समझना अनिवार्य है कि भारत की अध्यक्षता ऐसे समय में हो रही है जब विश्व ‘बहुध्रुवीयता’ (Multipolarity) की ओर बढ़ रहा है। भारत का लक्ष्य इस मंच के माध्यम से ‘ग्लोबल साउथ’ (Global South) की आवाज को बुलंद करना और वैश्विक संस्थानों में सुधार की मांग को और तेज करना है।
ब्रिक्स का विकास: एक ऐतिहासिक यात्रा (2006-2026)
ब्रिक्स का सफर केवल एक आर्थिक समूह के रूप में शुरू हुआ था, जो अब एक शक्तिशाली भू-राजनीतिक ब्लॉक बन चुका है।
- प्रारंभिक चरण: 2001 में अर्थशास्त्री जिम ओ’नील ने ‘BRIC’ शब्द गढ़ा। 2006 में इसकी पहली औपचारिक बैठक हुई और 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में पहला शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया।
- विस्तार का प्रथम चरण: 2010 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद यह ‘BRICS’ बना।
- ब्रिक्स+ (BRICS Plus) का उदय: 2024 और 2025 में इस समूह में ऐतिहासिक विस्तार देखा गया। मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और हाल ही में इंडोनेशिया के पूर्ण सदस्य बनने से इसकी ताकत दोगुनी हो गई है।
- महत्व: आज यह समूह दुनिया की 45% आबादी और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP-PPP) के 33% से अधिक का प्रतिनिधित्व करता है।

सदस्य देशों की नई संरचना: ब्रिक्स+ का भौगोलिक विस्तार

UPSC की प्रारंभिक परीक्षा के लिए सदस्यों की सूची अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्तमान में ब्रिक्स एक विशाल परिवार बन चुका है:
- संस्थापक सदस्य: ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका।
- नए पूर्ण सदस्य (2024-25): ईरान, सऊदी अरब, यूएई, मिस्र, इथियोपिया और इंडोनेशिया।
- साझेदार देश (Partner Countries): हाल के वर्षों में थाईलैंड, वियतनाम, नाइजीरिया और तुर्की जैसे देशों को ‘साझेदार’ का दर्जा दिया गया है, जो पूर्ण सदस्यता की ओर एक कदम है।
यह विस्तार दर्शाता है कि दुनिया के प्रमुख ऊर्जा उत्पादक (सऊदी, ईरान, यूएई) और उभरती अर्थव्यवस्थाएं अब पश्चिमी प्रभुत्व वाले जी-7 (G7) के विकल्प के रूप में ब्रिक्स की ओर देख रही हैं।
BRICS Summit 2026 Theme की थीम: “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता”

भारत ने इस सम्मेलन के लिए एक दूरदर्शी थीम चुनी है। इसके प्रत्येक शब्द का गहरा अर्थ है:
- लचीलापन (Resilience): वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को किसी एक देश पर निर्भर रहने के बजाय सुरक्षित बनाना।
- नवाचार (Innovation): भारत अपने ‘डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर’ (UPI, आधार, ओएनडीसी) को अन्य सदस्य देशों के साथ साझा करना चाहता है।
- सहयोग (Cooperation): अंतरिक्ष अनुसंधान, आतंकवाद विरोधी अभियान और स्वास्थ्य सुरक्षा में सामूहिक प्रयास।
- स्थिरता (Sustainability): जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करने के लिए ‘मिशन लाइफ’ (Mission LiFE) और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना।
भारत के लिए रणनीतिक अवसर और चुनौतियां
UPSC मुख्य परीक्षा के उत्तर लेखन के लिए यह खंड सबसे उपयोगी है।
- रणनीतिक संतुलन: भारत के लिए ब्रिक्स एक ऐसा मंच है जहाँ वह चीन और रूस के साथ सीधे संवाद कर सकता है, साथ ही साथ पश्चिम के साथ अपने संबंधों को भी संतुलित रखता है।
- वैश्विक संस्थानों में सुधार: भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) और IMF में सुधारों की वकालत कर रहा है। ब्रिक्स के माध्यम से वह इस मांग को और अधिक वजन देता है।
- चुनौतियां: भारत और चीन के बीच सीमा विवाद ब्रिक्स की एकता के लिए एक बड़ी चुनौती है। इसके अलावा, पश्चिमी देशों का ब्रिक्स को ‘पश्चिम-विरोधी’ (Anti-West) मानना भारत की कूटनीति के लिए एक कठिन परीक्षा है।
आर्थिक एजेंडा: डॉलर पर निर्भरता कम करना (De-dollarization)
यह विषय वर्तमान में सबसे अधिक चर्चा में है। ब्रिक्स देश अपनी व्यापारिक गतिविधियों में डॉलर के प्रभुत्व को कम करना चाहते हैं।
- स्थानीय मुद्रा में व्यापार: भारत पहले ही रूस और यूएई के साथ रुपये में व्यापार शुरू कर चुका है। BRICS Summit 2026 के सम्मेलन में अन्य सदस्यों के साथ भी ऐसी ही व्यवस्था पर सहमति बन सकती है।
- ब्रिक्स पे (BRICS Pay): यह एक प्रस्तावित ब्लॉकचेन-आधारित भुगतान प्रणाली है, जो स्विफ्ट (SWIFT) का विकल्प बन सकती है। इससे अंतरराष्ट्रीय लेनदेन सस्ता और तेज होगा।
- न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB): यह बैंक विकासशील देशों को बिना कठोर शर्तों के बुनियादी ढांचे के लिए ऋण प्रदान कर रहा है।
निष्कर्ष: एक नई विश्व व्यवस्था की ओर
भारत की BRICS Summit 2026 की अध्यक्षता यह तय करेगी कि ब्रिक्स भविष्य की विश्व व्यवस्था को कैसे आकार देगा। भारत का दृष्टिकोण “सर्वे भवन्तु सुखिनः” और “वसुधैव कुटुम्बकम” पर आधारित है, जिसका अर्थ है कि विकास केवल कुछ देशों तक सीमित न रहकर संपूर्ण मानवता के लिए होना चाहिए। ब्रिक्स 2026 केवल एक राजनीतिक बैठक नहीं, बल्कि एक न्यायपूर्ण और संतुलित दुनिया की नींव रखने का प्रयास है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) – UPSC स्तर
ब्रिक्स का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
ब्रिक्स का कोई औपचारिक मुख्यालय नहीं है, लेकिन ब्रिक्स द्वारा स्थापित ‘न्यू डेवलपमेंट बैंक’ (NDB) का मुख्यालय शंघाई, चीन में स्थित है।
क्या ब्रिक्स की अपनी कोई मुद्रा है?
वर्तमान में ब्रिक्स की कोई भौतिक मुद्रा नहीं है। हालांकि, सदस्य देशों के बीच व्यापार के लिए ‘R5’ (Real, Ruble, Rupee, Renminbi, Rand) पर आधारित एक डिजिटल बास्केट मुद्रा या डिजिटल भुगतान प्रणाली पर गहन चर्चा हो रही है।
2026 में भारत कितनी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता कर चुका है?
भारत अब तक कुल चार बार ब्रिक्स की अध्यक्षता कर चुका है – 2012, 2016, 2021 और अब 2026।
ब्रिक्स प्लस (BRICS+) से क्या तात्पर्य है?
ब्रिक्स प्लस उन नए देशों के समूह को संदर्भित करता है जो 2024 और 2025 में इसके पूर्ण सदस्य बने हैं या जो भागीदार देशों के रूप में इस समूह से जुड़े हैं।
क्या ब्रिक्स एक सैन्य संगठन है?
नहीं, ब्रिक्स प्राथमिक रूप से एक आर्थिक और राजनीतिक समूह है। यह नाटो (NATO) की तरह कोई सैन्य गठबंधन नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक सहयोग और विकास है।
ब्रिक्स (BRICS) में शामिल होने वाले नए 6 देश कौन से हैं?
2024-25 के विस्तार के बाद शामिल होने वाले नए सदस्य मिस्र (Egypt), इथियोपिया (Ethiopia), ईरान (Iran), सऊदी अरब (Saudi Arabia), संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और इंडोनेशिया (Indonesia) हैं। (नोट: अर्जेंटीना ने शामिल होने से इनकार कर दिया था)।
ब्रिक्स (BRICS) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य विकासशील देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देना है। यह पश्चिमी प्रभुत्व वाले वित्तीय संस्थानों (जैसे IMF और वर्ल्ड बैंक) के विकल्प के रूप में ‘न्यू डेवलपमेंट बैंक’ (NDB) के माध्यम से काम करता है।
क्या ब्रिक्स (BRICS) अपनी साझा मुद्रा (Common Currency) लॉन्च करने वाला है?
वर्तमान में ब्रिक्स की कोई भौतिक मुद्रा नहीं है, लेकिन सदस्य देश ‘BRICS Pay’ नामक एक डिजिटल भुगतान प्रणाली और अपनी स्थानीय मुद्राओं (जैसे रुपया, युआन, रूबल) में व्यापार करने पर ज़ोर दे रहे हैं ताकि डॉलर पर निर्भरता कम हो सके।
न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) का मुख्यालय कहाँ है और इसके वर्तमान अध्यक्ष कौन हैं?
NDB का मुख्यालय शंघाई, चीन में है। इसकी वर्तमान अध्यक्ष ब्राजील की पूर्व राष्ट्रपति डिल्मा रूसेफ हैं।
ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन 2026 की मेजबानी कौन सा देश कर रहा है?
ब्रिक्स के 18वें शिखर सम्मेलन (2026) की मेजबानी भारत कर रहा है।
सार्क (SAARC) के सदस्य देशों के नाम क्या हैं?
सार्क में 8 सदस्य देश शामिल हैं: भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, मालदीव और अफगानिस्तान। (अफगानिस्तान 2007 में इसका सबसे नया सदस्य बना)।
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